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हब मोटर वाले इलेक्ट्रिक टू-व्हीलर (EV) से बचने के 5 मुख्य कारण

  • May 30
  • 3 min read
हब मोटर वाले इलेक्ट्रिक टू-व्हीलर (EV) से बचने के 5 मुख्य कारण

इलेक्ट्रिक टू-व्हीलर्स (EVs) का चलन भारत में तेज़ी से बढ़ रहा है। आज कल ज़्यादातर कंपनियाँ हब मोटर (Hub Motor) का इस्तेमाल कर रही हैं क्योंकि इन्हें बनाना आसान और सस्ता होता है। लेकिन कोई भी नया इलेक्ट्रिक स्कूटर या बाइक खरीदने से पहले (जिसकी मोटर सीधे पहिए में लगी हो), आपको इसके नुकसान भी जान लेने चाहिए।

यहाँ हम आपको 5 ऐसे कारण बता रहे हैं कि क्यों हब मोटर वाले ईवी सबके लिए सही विकल्प नहीं हैं:


1. भारी पहियों की वजह से खराब राइड क्वालिटी


जब मोटर को सीधे पहिए (wheel) में फिट किया जाता है, तो गाड़ी का पहिया बहुत भारी हो जाता है। इस भारीपन के कारण गाड़ी को मोड़ना मुश्किल हो जाता है और यह जल्दी रिस्पॉन्स नहीं देती। साथ ही, जब आप गड्ढों या खराब रास्तों से गुजरते हैं, तो सस्पेंशन को इस भारी पहिए को संभालने के लिए ज़्यादा मेहनत करनी पड़ती है, जिससे आपको झटके ज़्यादा महसूस होते हैं और सफर आरामदायक नहीं रहता।


2. ओवरहीटिंग (ज़्यादा गर्म होने) की समस्या


हब मोटर्स पूरी तरह से पैक और सील होती हैं। यह सुनने में तो अच्छा लगता है, लेकिन इसके कारण उनके अंदर की गर्मी आसानी से बाहर नहीं निकल पाती। मिड-ड्राइव मोटर में हवा लगने से वो ठंडे होते रहते हैं, लेकिन हब मोटर में ऐसा नहीं होता। अगर आप लगातार पहाड़ पर चढ़ रहे हैं, तेज़ स्पीड में गाड़ी चला रहे हैं, या गर्मी के दिनों में सफर कर रहे हैं, तो हब मोटर बहुत जल्दी गर्म हो जाती है। इससे मोटर की परफॉरमेंस घट जाती है और कई बार मोटर पूरी तरह से खराब (फेल) भी हो सकती है।


3. चढ़ाई और भारी वजन खींचने में परेशानी


हब मोटर्स में मिड-ड्राइव मोटर्स के मुकाबले कम पावर (Torque) होती है। चूँकि इनमें कोई गियरबॉक्स नहीं होता, इसलिए इन्हें अपनी सारी ताकत सीधे पहिए पर लगानी होती है। यह कमी आपको तब सबसे ज़्यादा महसूस होती है जब:


  • आप किसी खड़ी चढ़ाई (पहाड़ या पुल) पर जा रहे हों।

  • आपने पीछे किसी सवारी को बिठाया हो या भारी सामान रखा हो।

  • गाड़ी को रुकी हुई स्थिति से अचानक तेज़ आगे बढ़ाना हो। समतल सड़कों के लिए तो ये ठीक हैं, लेकिन भारी काम के लिए ये आपको कमज़ोर लगेंगी।


4. रिपेयरिंग और पंचर लगवाना बहुत मुश्किल


सबसे बड़ी परेशानी जिसे लोग नज़रअंदाज़ कर देते हैं, वह यह है कि 'मोटर ही पहिया है'। इसका सीधा सा मतलब है:


  • टायर पंचर होना: अगर टायर पंचर हो जाए, तो आपको मोटर की केबल्स निकालकर पूरे भारी पहिए को खोलना पड़ेगा, जो कि एक आम मैकेनिक के लिए बहुत मुश्किल काम है।

  • रिम टूटना: अगर किसी वजह से रिम टूट जाए या डैमेज हो जाए, तो आपको सिर्फ सस्ता रिम नहीं, बल्कि पूरी मोटर यूनिट बदलनी पड़ सकती है, जो बहुत महंगा पड़ता है।


5. रीजेनरेटिव ब्रेकिंग और माइलेज का कम होना


बहुत सी कंपनियाँ दावा करती हैं कि ब्रेक लगाने पर बैटरी अपने-आप चार्ज होती है (Regenerative Braking), लेकिन हब मोटर्स में इसका फायदा बहुत ही कम (सिर्फ 3-5%) होता है। इसके अलावा, हब मोटर्स अलग-अलग स्पीड पर उतनी अच्छी तरह से बैटरी की बचत नहीं कर पाते। इस वजह से लंबे समय में आपकी गाड़ी का माइलेज (रेंज) कम हो जाता है और बैटरी की ज़्यादा खपत होती है।


निष्कर्ष


हब मोटर पूरी तरह से खराब नहीं हैं। ये सस्ते होते हैं, बिना आवाज़ किए चलते हैं, और अगर आपका बजट कम है और आपको सिर्फ रोज़ाना सीधी और समतल सड़कों पर ऑफिस या बाजार जाना है, तो ये ठीक हैं।


लेकिन, अगर आप खराब रास्तों, पहाड़ों या रोज़ाना भारी कामों के लिए EV लेना चाहते हैं, और आपको एक टिकाऊ गाड़ी चाहिए, तो मिड-ड्राइव (Mid-drive) या बेल्ट-ड्रिवेन (Belt-driven) सिस्टम वाला स्कूटर लेना ज़्यादा बेहतर रहेगा। भले ही यह शुरुआत में थोड़ा महंगा लगे, लेकिन बाद में यह आपको बेहतर परफॉरमेंस, कम मेंटेनेंस और मानसिक सुकून देगा।

 
 
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